ब्रेकिंग
Sohagpur डीजल की किल्लत को लेकर किसान कांग्रेस का प्रर्दशन , कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौपा Narmdapuram फेक आईडी से महिला को अश्लील मैसेज भेजना पड़ा भारी, नगर पालिका कर्मचारी अरेस्ट Narmdapuram एसडीएम ने किया सीएचसी सोहागपुर का औचक निरीक्षण, अनुपस्थित पाए गए रेडियोग्राफरों का एक दि... बड़ी कार्यवाई - राजस्व निरीक्षक गुलाब उइके को किया गया निलंबित गेंहू उपार्जन - किसानों से वसूली जा रही हम्‍माली, वारदानों की कमी से खरीदी हुई प्रभावित Pipriya रीवा सड़क हादसे में साध्वियों की मौत से शोकाकुल हुआ जैन समाज Narmdapuram सोहागपुर में आर आई के ऊपर 20 हजार की रिश्वत का आरोप, जनसुनवाई में शिकायत Narmdapuram सोहागपहुर में बिना साहूकारी लायसेंस के चल रहा ब्‍याज का करोबार, न कार्रवाई का डर बल्कि द... लिपिक ने लिया अवकाश तो बौखलाए बीईओ ने रोक दिया वेतन Sohagpur थार गाड़ी से पांच लाख से ऊपर की रकम उड़ाने वाली महिला अरेस्ट, पुलिस की तत्परता से पकड़ी गई मह...
खास खबरे

मध्यप्रदेश: किसी वफादार को उप मुख्यमंत्री बना सकते हैं ज्योतिरादित्य सिंधिया

तीन राज्यों में मिली जीत के बाद कांग्रेस ने राजस्थान की कमान अशोक गहलोत को, छत्तीसगढ़ की कमान भूपेश बघेल को और मध्यप्रदेश के लिए कमलनाथ को चुना है। तीनों मुख्यमंत्री आज पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सहित महागठबंधन पार्टियों से कई नेता शिरकत करेंगे। पार्टी ने मुख्यमंत्रियों का चुनाव कुछ तरह से किया है जिससे उसे आगामी 2019 के चुनाव में कोई दिक्कत नहीं होगी।
पार्टी रणनीतिकारों को भाजपा शासित रहे तीनों राज्यों से काफी ज्यादा अपेक्षाएं हैं क्योंकि उसे उम्मीद है कि यहां मिली सफलता से वह 2019 में संसद के अंदर अपने सदस्यों की संख्या में इजाफा कर सकती है। 2014 में भाजपा ने तीनों राज्यों में कांग्रेस का लगभग सूपड़ा साफ कर दिया था। यहां संसद की 65 सीटे हैं।

रणनीतिकारों का मानना है कि पार्टी मध्यप्रदेश में बहुत ज्यादा लाभ कमाने की उम्मीद में है क्योंकि यहां पार्टी का संगठन काफी मजबूत है। जबकि ज्योतिरादित्य सिंधिया राज्य के मुख्यमंत्री बनना चाहते थे। यहां भाजपा और कांग्रेस में कड़ी टक्कर हुई, केवल कुछ सीटों के फासले से शिवराज सिंह चौहान हार गए। 15 सालों के बाद राज्य की सत्ता में वापसी करने वाली पार्टी कर्जमाफी के जरिए लोगों को लुभाना चाहती है।

सिंधिया ने शांतिपूर्ण तरीके से अपने मुख्यमंत्री पद की दावेदारी उस समय वापस ले ली जब उन्हें बताया गया कि नाथ के पक्ष में समर्थन करने से उन्हें प्रशंसा मिलेगी। सूत्रों का कहना है कि पार्टी उन्हें प्रदेश अध्यक्ष या फिर कांग्रेस का महासचिव बना सकती है। ऐसा भी माना जा रहा है कि सिंधिया उपमुख्यमंत्री के पद के लिए किसी वफादार का नाम सुझा सकते हैं।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!