
बैगा गांवों में दूषित पानी से 7 बच्चों की मौत पर सिंगार ने CM को लिखा पत्र
उच्चस्तरीय जांच और पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता की मांग, नल-जल योजना पर उठाए सवाल
नवलोक समाचार,भोपाल।
मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार* ने प्रदेश के मुख्यमंत्री *डॉ. मोहन यादव* को पत्र लिखकर *बालाघाट के बैगा आदिवासी बहुल गांवों* में दूषित पेयजल के कारण हुई बच्चों की मौतों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
सिंगार ने पत्र में कहा कि बालाघाट के बैगा बहुल गांवों में दूषित पानी पीने से *7 मासूम बच्चों की मौत* हो गई है और कई बच्चे अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। यह खबर बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है।
निष्पक्ष जांच और सहायता की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से इस गंभीर मामले की *उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच* कराने और *प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता* प्रदान करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि दूषित पानी और कुपोषण की आशंका के बीच सरकार को प्रभावित क्षेत्र के लोगों की *तत्काल स्वास्थ्य जांच, समुचित इलाज, पोषण और स्वच्छ पेयजल* की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। साथ ही लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ *कठोर कार्रवाई* की जाए।
*नल-जल योजना पर उठाए सवाल*
उमंग सिंगार ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, _”सरकार नल-जल योजना के बड़े-बड़े होर्डिंग और विज्ञापन लगाकर यह दर्शाना चाहती है कि हर घर नल पहुंच गया और शुद्ध पेयजल उपलब्ध है, लेकिन जमीन पर हकीकत कुछ और है। अफसोस है कि लोग पानी पीने से भी काल के गाल में समा रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होना चाहिए और इसकी निष्पक्ष जांच होना चाहिए।





