ब्रेकिंग
पिपरिया : आदमखोर हुआ टाइगर, आदिवासी युवक को बनाया शिकार, मौके पर मौत Pipriya : स्ट्रीट डॉग के हमले से छः साल का मासूम घायल, 30 से ज्यादा बार काटा Narmdapuram : हॉकी टूर्नामेंट, मंडीदीप ने जीता फाइनल मुकाबला Sohagpur करणपुर देव प्राण प्रतिष्‍ठा महोत्‍सव – कलश याञा निकली पचमड़ी की वादियों में गुजेंगा बम बम भोले का जयकारा हॉकी टूर्नामेंट - सोहागपुर और मंडीदीप के बीच होगा फाइनल मुकाबला बैरागढ़ स्‍टेशन पर कछुआ तश्‍कर अरेस्‍ट, 311 कछुओं के साथ रेल्‍वे अटेंडर को आरपीएफ ने दबोचा Narmdapuram इटारसी रेंज में मिला टाइगर का शव, वन विभाग टीम ने किया अंतिम संस्कार किया Sohagpur तेज़ रफ्तार बस पलटने से 31 यात्री घायल, 12 गंभीर यात्रियों को जिला अस्पताल किया रेफर Narmdapuram जिला सहकारी बैंक प्रबंधक 20 हजार की रिश्वत लेते अरेस्ट
देश

जीएसटी में मिलने जा रही है बड़ी राहत, लोकसभा चुनाव से पहले होगा ऐलान

केंद्र सरकार लोकसभा चुनाव से पहले आम जनता को जीएसटी दरों में बड़ी राहत देने जा रही है। इसका संकेत खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार जल्द ही 28 फीसदी स्लैब में केवल 1 फीसदी आइटम रखेगी।
मोदी ने कहा कि हमारे देश में दशकों से जीएसटी की मांग थी। आज हम संतोष के साथ कह सकते हैं कि जीएसटी लागू होने के बाद बाजार की विसंगतियां दूर हो रही हैं और सिस्टम की कार्यक्षमता बढ़ रही है। अर्थव्यवस्था में पारदर्शिता की तरफ हम बढ़ रहे हैं।

99 फीसदी आइटम 18 फीसदी और नीचे स्लैब में

मोदी ने कहा कि उनकी सरकार जीएसटी में शामिल 99 फीसदी वस्तुओं को 18 फीसदी और उसके नीचे की स्लैब में लाना चाहती हैं। 28 फीसदी स्लैब में केवल वो ही वस्तुएं रहेंगी, जिन पर ज्यादा टैक्स सही में लगना चाहिए। सरकार के इस कदम से लोगों को काफी राहत मिलेगी।

जीएसटी से जुड़े 55 लाख व्यापारी

मोदी ने कहा कि जीएसटी के लागू होने से पहले टैक्स देने वाले व्यापारियों की संख्या केवल 65 लाख थी, जो कि 1 जुलाई 2017 के बाद से अब बढ़कर 1.20 करोड़ हो गई है। जीएसटी के लागू होने के बाद 55 लाख नए व्यापारी टैक्स सिस्टम से जुड़े हैं।

मिल रही है व्यापारियों को साफ-सुथरी व्यवस्था

मोदी ने कहा कि समाज के मेहनती और उद्यमी लोग, जो बाजार से जुड़े हैं, उन्हें एक साफ-सुथरी, सरल, इंस्पेक्टर राज से मुक्त व्यवस्था मिल रही है। पूरे भारत ने एक-मन होकर, इतने बड़े टैक्स रीफॉर्म को लागू करने के लिए प्रयास किया। हमारे कारोबारियों और लोगों के इसी जज्बे का परिणाम है कि भारत इतना बड़ा बदलाव करने में सफल हो सका।

और सरल होगा जीएसटी

शुरुआती दिनों में जीएसटी अलग-अलग राज्यों में वैट और एक्साइज की जो व्यवस्था थी, उसी की छाया में आगे बढ़ रहा था। जैसे-जैसे विचार-विमर्श हुआ, धीरे-धीरे इसमें भी बदलाव आते रहे। हमारा ये मत है कि जीएसटी को जितना सरल और सुविधाजनक किया जा सकता है, उसे किया जाना चाहिए।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!