ब्रेकिंग
Sohagpur थार गाड़ी से पांच लाख से ऊपर की रकम उड़ाने वाली महिला अरेस्ट, पुलिस की तत्परता से पकड़ी गई मह... Sohagpur श्यामा प्रसाद मुखर्जी काम्पलेक्स में लिफ्ट के लिये छोड़ी जगह में बन रही दुकानें Narmdapuram एसपी की हिदायत, रिकवरी एजेंट विधि विरुद्ध तरिके से वाहन सीज न करें Pipriya ग्राम ऊंटिया किशोर में पकड़ी गांजे की खेती… Narmdapuram कलेक्टर की संजीदगी - साइकिल से दफ्तर पहुंचने वाले आईएएस सोमेश मिश्रा नर्मदापुरम कलेक्टर Narmadapuram जिले के स्कूलों में अनुरक्षण कार्यो होगा भौतिक सत्यायन सोहागपुर में खुले में गेहूँ उपार्जन करने से सहकारी समितियों का इंकार उमंग सिंगार का आरोप - गेहूं खरीदी में देरी इसलिए की जा रही है ताकि भाजपा के एजेंटों और बिचौलियों को ... नरवाई जलाने वाले किसानों के विरुद्ध कार्यवाई, प्रशासन की चेतवानी के बाद भी जलाई नरवाई JABALPUR - बीपीएल परिवार का आशियाना बचाने छुट्टी के दिन खुले हाईकोर्ट के दरवाजे, कोर्ट ने रोकी बुलडो...
देश

आर्थिक तंगी से परेशान पिता ने दो बेटियों की गला घोंटकर हत्या की, फिर खुद भी फांसी लगाकर दी जान

भोपाल. राजधानी से सटे गुनगा थाना क्षेत्र के मनीखेड़ी गांव में आर्थिक तंगी से परेशान चल रहे एक पिता ने गुरुवार सुबह अपनी दो और पांच साल की बेटियों की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद खुद भी फांसी लगाकर जान दे दी। युवक ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है।

इसमें लिखा है, ‘अब मैं जिंदगी से हार चुका हूं। मुझ पर कई लोगों की उधारी हो चुकी है। मैंने अपने एक रिश्तेदार को पैसे दिए थे। उन पर करीब तीन लाख रुपए बनता है, लेकिन वह दे नहीं रहे हैं। मेरी अब ऐसी हालत नहीं कि अपने तीनों बच्चों को पाल सकूं। पत्नी की हालत भी ऐसी नहीं है कि मेरे मरने के बाद तीनों बेटियों को पाल सके। इसलिए मैं अपनी दोनों बेटियों के साथ खुदकुशी कर रहा हूं।’

34 वर्षीय मृतक भगवान उर्फ भगवत सिंह घोसी मजदूरी करते थे। उनके दोनों भाई अर्जुन और जुगल औबेदुल्लागंज में रहते हैं। भगवान करीब 4 साल पहले भोपाल आए थे। वह यहां पत्नी ज्योति तथा तीन बेटियों टुकटुक (8), रानी (5) और गुंजन (2) के साथ रहते थे। बुधवार को भगवान के छोटे भाई अर्जुन औबेदुल्लागंज से भोपाल आए थे। अर्जुन गुरुवार सुबह 11 बजे अपनी भाभी के साथ टुकटुक के पैर में फ्रैक्चर का इलाज कराने अस्पताल चले गए।

दोपहर करीब तीन बजे लौटे तो देखा कि घर में कोई नहीं था, लेकिन टीवी चल रहा था। ऊपर के कमरे का दरवाजा खोला तो भगवान फंदे पर लटके नजर आए। पास ही एक बिछौने में गुंजन और रानी का शव लिपटा था। ये देखते ही चीख-पुकार मच गई। सूचना पाकर गुनगा पुलिस मौके पर पहुंची। यहां पुलिस को भगवान का लिखा सुसाइड नोट मिला। इसमें भगवान ने दोनों बेटियों की गला दबाकर हत्या फिर खुदकुशी का जिक्र किया था।

कहा- मेरी मौत के बाद किसी को परेशान न करें :
पुलिस को मौके से दो सुसाइड नोट मिले हैं। एक 12 दिसंबर और दूसरा 13 दिसंबर को लिखा गया है। एसडीओपी बैरसिया संजीव पाठक के अनुसार दोनों नोट तकरीबन समान हैं। पहले नोट में लिखा है कि मैं अब अपना और परिवार का गुजर-बसर नहीं कर सकता।

मेरी पत्नी और दोनों भाई बहुत अच्छे हैं। माता-पिता की मौत के बाद मैंने अपने दोनों भाइयों को पाला। मेरी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। मैं खुद से परेशान हूं, किसी को परेशान न किया जाए। 13 दिसंबर को लिखे सुसाइड नोट में भगवान ने लिखा है कि बुधवार को मेरा भाई घर पर आ गया, इसलिए मैं खुदकुशी नहीं कर पाया। अब मुझे मौका मिला है, इसलिए मैं यह कदम उठाने जा रहा हूं।

सुलाने के बाद किया होगा मासूमों का कत्ल :
पुलिस का अंदाजा है कि भगवान ने सुलाने के बाद दोनों बच्चियों का कत्ल किया होगा। गुंजन के चेहरे पर पॉलिथीन लपेटकर उसका दम घोंट दिया। जबकि रानी का गला दबाने के प्रमाण पुलिस को मिले हैं। उन्हें मार डालने के बाद भगवान ने एक बिछौने में लपेट दिया फिर पहली मंजिल पर बने कमरे में जाकर खुद भी फांसी लगा ली। पुलिस ने तीनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। इससे ये स्पष्ट हो जाएगा कि दोनों बच्चियों की मौत में कितना अंतर है।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!