ब्रेकिंग
बड़ी कार्यवाई - राजस्व निरीक्षक गुलाब उइके को किया गया निलंबित गेंहू उपार्जन - किसानों से वसूली जा रही हम्‍माली, वारदानों की कमी से खरीदी हुई प्रभावित Pipriya रीवा सड़क हादसे में साध्वियों की मौत से शोकाकुल हुआ जैन समाज Narmdapuram सोहागपुर में आर आई के ऊपर 20 हजार की रिश्वत का आरोप, जनसुनवाई में शिकायत Narmdapuram सोहागपहुर में बिना साहूकारी लायसेंस के चल रहा ब्‍याज का करोबार, न कार्रवाई का डर बल्कि द... लिपिक ने लिया अवकाश तो बौखलाए बीईओ ने रोक दिया वेतन Sohagpur थार गाड़ी से पांच लाख से ऊपर की रकम उड़ाने वाली महिला अरेस्ट, पुलिस की तत्परता से पकड़ी गई मह... Sohagpur श्यामा प्रसाद मुखर्जी काम्पलेक्स में लिफ्ट के लिये छोड़ी जगह में बन रही दुकानें Narmdapuram एसपी की हिदायत, रिकवरी एजेंट विधि विरुद्ध तरिके से वाहन सीज न करें Pipriya ग्राम ऊंटिया किशोर में पकड़ी गांजे की खेती…
देश

खबर जरा हटके – राजस्‍थान के पाली जिले के एक गांव में की जाती है बुलेट मोटरसाइकिल की पूजा, बनाया गया है मोटर साइकिल का मंदिर

नवालोक समाचार।

पाली. राजस्थान में एक बुलेट मोटरसाइकिल की पूजा की जाती है। राजस्थान के पाली से 20 किमी. दूर पाली जोधपुर हाईवे पर एक गांव है चोटिला। यहां एक मोटरसाइकिल का मंदिर है। इस मंदिर में श्रद्धालु बुलेट के सामने माथा टेकते हैं, उसे माला पहनाते हैं और अपनी और अपनों की सलामती की मन्नत मांगते हैं

जानें ओम बना की कहानी…

दरअसल 1988 में इसी स्थान पर ठाकुर जोग सिंह के बड़े बेटे ठाकुर ओम सिंह राठौड़ (ओम बन्ना)की इसी बाइक से सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी।
– कहा जाता है कि ओम बन्ना की आत्मा राहगीरों को सिर्फ दिखाई ही नहीं देती थी बल्कि उन्हें दुर्घटनाओं से बचने के संकेत भी देती थी।  राजघराने के ओम बन्ना को मोटरसाइकिल का बहुत शौक था इसी वजह से उन्होंने 1988 में एक शानदार बुलेट ली थी। माना जाता है कि जिस जगह ओम बन्ना का एक्सिडेंट हुआ उसी जगह आए दिन हादसे होते रहते थे। दुर्घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और लाश को कब्जे में लेकर बाइक को थाने में खड़ा कर दिया। चौकाने वाला मामला दूसरे दिन सामने आया जब थाने में खड़ी की गई बाइक दोबारा घटनास्थल पर खड़ी मिली। पुलिस द्वारा बुलेट को दोबारा थाने में खड़ा करवाया गया। – दूसरे दिन फिर वह बाइक रहस्यमय रूप से दुर्घटना स्थल पर खड़ी थी। कुछ दिनों तक लगातार यही हुआ, पुलिस ने बाइक थाने में खड़ी की और वह रहस्यमय ढंग से पुन: उसी स्थान पर खड़ी मिलती। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया और ग्रामीणों से सलाह-मश्वरा करके बाइक को उसी पेड़ के नीचे चबूतरा बनवाकर रख दिया।यहां माथा टेककर ड्यूटी जॉइन करते हैं पुलिस के नए कर्मी
इस घटना का चमत्कार देख ग्रामीण ही नहीं पुलिसवाले भी हैरान थे। तब से लेकर अब तक पुलिस विभाग में जितने भी कर्मचारी इस क्षेत्र में ड्यूटी जॉइन करते हैं यहां माथा टेकने जरूर आते हैं। बता दें कि ओम बन्ना की बाइक को ग्रामीणों और बाहर से आए लोगों द्वारा पूजा जाता है। इतना ही नहीं अब यह चबूतरा एक मंदिर बन गया है जहां दूर-दूर से लोग मन्नत मांगने आते हैं।

अक्सर दिखाई देती थी ओम बन्ना की आत्मा
आस-पास के रहवासियों का कहना है कि इस दुर्घटना के बाद ओम बन्ना की आत्मा को अक्सर देखा गया। आते-जाते राहगीरों को उनकी आत्मा दुर्घटना से बचने का उपाय बताती है।

साभार फेसबुक बाल से —

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!