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ऐसा क्या हुआ कि केंद्र को रातों-रात सीबीआई डायरेक्टर की शक्तियां खत्म करनी पड़ी: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली. सीबीआई में अफसरों के विवाद मामले पर गुरुवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से सख्त लहजे में सवाल किए। शीर्ष अदालत ने पूछा कि जब यह विवाद तीन महीने से था तो 23 अक्टूबर को अचानक ऐसी क्या स्थितियां आ गईं कि केंद्र सरकार को रातों-रात सीबीआई डायरेक्टर की शक्तियां खत्म करने का फैसला करना पड़ा।
सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा से अधिकार वापस लेने और उन्हें छुट्टी पर भेजने के सरकार के फैसले के खिलाफ उनकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई की। चीफ जस्टिस ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से पूछा- जब वर्मा कुछ महीनों में रिटायर होने वाले थे तो थाेड़ा इंतजार और चयन समिति से परामर्श क्यों नहीं हुआ?’’

‘कभी-कभी असाधारण इलाज करना होता है’
तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) इस नतीजे पर पहुंचा था कि इस विवाद में असाधारण स्थितियां पैदा हुईं। उन्होंने कहा कि असाधारण परिस्थितियों में कभी-कभी असाधारण इलाज की जरूरत होती है। उन्होंने कहा, ‘‘सीवीसी का आदेश निष्पक्ष था, दो वरिष्ठ अधिकारी लड़ रहे थे और अहम केसों को छोड़कर एक दूसरे के खिलाफ मामलों की जांच कर रहे थे।’’

मोदी भाषण में हमलावर होते वक्त एक मिनट में 200 शब्द तक बोलते हैं, राहुल की रफ्तार 140 शब्द
जयपुर. चुनावी जंग का सबसे बड़ा हथियार है-जुबान। इसीलिए हर महारथी इसका धड़ल्ले से इस्तेमाल करता है। फिर चाहें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हों, उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हों, राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट या फिर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी।

इस जुबानी रेस में स्पीड की बात करें तो मोदी एक मिनट में 180 से 200 शब्द बोलकर सबसे आगे हैं। वहीं राहुल, राजे, योगी और गहलोत से पीछे हैं।

राजस्थान की 199 सीटों के लिए शुक्रवार को मतदान होगा। अलवर जिले की रामगढ़ सीट से बसपा प्रत्याशी लक्ष्मण सिंह का निधन होने की वजह से चुनाव टाल दिया गया है। परिणाम 11 दिसंबर को आएंगे।

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