ब्रेकिंग
Narmdapuram सोहागपुर में आर आई के ऊपर 20 हजार की रिश्वत का आरोप, जनसुनवाई में शिकायत Narmdapuram सोहागपहुर में बिना साहूकारी लायसेंस के चल रहा ब्‍याज का करोबार, न कार्रवाई का डर बल्कि द... लिपिक ने लिया अवकाश तो बौखलाए बीईओ ने रोक दिया वेतन Sohagpur थार गाड़ी से पांच लाख से ऊपर की रकम उड़ाने वाली महिला अरेस्ट, पुलिस की तत्परता से पकड़ी गई मह... Sohagpur श्यामा प्रसाद मुखर्जी काम्पलेक्स में लिफ्ट के लिये छोड़ी जगह में बन रही दुकानें Narmdapuram एसपी की हिदायत, रिकवरी एजेंट विधि विरुद्ध तरिके से वाहन सीज न करें Pipriya ग्राम ऊंटिया किशोर में पकड़ी गांजे की खेती… Narmdapuram कलेक्टर की संजीदगी - साइकिल से दफ्तर पहुंचने वाले आईएएस सोमेश मिश्रा नर्मदापुरम कलेक्टर Narmadapuram जिले के स्कूलों में अनुरक्षण कार्यो होगा भौतिक सत्यायन सोहागपुर में खुले में गेहूँ उपार्जन करने से सहकारी समितियों का इंकार
देश

जब सबरीमाला पर जल्द फैसला आ सकता है तो राम जन्मभूमि मामला क्यों अटका है: कानून मंत्री

नई दिल्ली. केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सुप्रीम कोर्ट से राम जन्मभूमि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट की तरह करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब सबरीमाला मामले में जल्द फैसला आ सकता है, तो सालों से अटके इस मामले में क्यों नहीं? रविशंकर प्रसाद मंगलवार को अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद की 15वीं नेशनल कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।

कानून मंत्री ने कहा- जल्द फैसला करे सुप्रीम कोर्ट
उन्होंने कहा कि मैं कानून मंत्री के नाते नहीं, बल्कि एक आम नागरिक के तौर पर सुप्रीम कोर्ट से मामले पर जल्द फैसला देने की अपील करता हूं। कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एमआर शाह, इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस गोविन्द माथुर और जस्टिस एआर मसूदी भी मौजूद थे।

रविशंकर प्रसाद ने कहा, “इस मामले में इतने सबूत हैं कि अच्छी बात हो सकती है। लेकिन लोग मेरे पास आते हैं और पूछते हैं कि समलैंगिकता पर 6 महीने में, सबरीमाला पर 5-6 महीने में, अर्बन नक्सल पर 2 महीने में फैसला हो जाता है। हमारे रामलला का विवाद 70 सालों से कोर्ट में अटका है। 10 साल से सुप्रीम कोर्ट के पास है, इसमें सुनवाई क्यों नहीं होती?”

कानून मंत्री ने कहा , ”हम बाबर को क्यों पूजें, उसकी इबादत नहीं होनी चाहिए।” उन्होंने संविधान की प्रति को दिखाते हुए कहा कि इसमें राम, कृष्ण और अकबर का भी जिक्र है, लेकिन बाबर का नहीं। उन्होंने कहा कि भारत में इस तरह की बात कर दो तो नया विवाद खड़ा हो जाता है।

अयोध्या विवाद पर 4 जनवरी को होनी है सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट अयोध्या में राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद विवाद पर 4 जनवरी को सुनवाई करेगा। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता में 3 जजों की बेंच इस मामले में सुनवाई करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर में इस मामले से जुड़ी याचिकाओं पर जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया था।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!