ब्रेकिंग
Sohagpur थार गाड़ी से पांच लाख से ऊपर की रकम उड़ाने वाली महिला अरेस्ट, पुलिस की तत्परता से पकड़ी गई मह... Sohagpur श्यामा प्रसाद मुखर्जी काम्पलेक्स में लिफ्ट के लिये छोड़ी जगह में बन रही दुकानें Narmdapuram एसपी की हिदायत, रिकवरी एजेंट विधि विरुद्ध तरिके से वाहन सीज न करें Pipriya ग्राम ऊंटिया किशोर में पकड़ी गांजे की खेती… Narmdapuram कलेक्टर की संजीदगी - साइकिल से दफ्तर पहुंचने वाले आईएएस सोमेश मिश्रा नर्मदापुरम कलेक्टर Narmadapuram जिले के स्कूलों में अनुरक्षण कार्यो होगा भौतिक सत्यायन सोहागपुर में खुले में गेहूँ उपार्जन करने से सहकारी समितियों का इंकार उमंग सिंगार का आरोप - गेहूं खरीदी में देरी इसलिए की जा रही है ताकि भाजपा के एजेंटों और बिचौलियों को ... नरवाई जलाने वाले किसानों के विरुद्ध कार्यवाई, प्रशासन की चेतवानी के बाद भी जलाई नरवाई JABALPUR - बीपीएल परिवार का आशियाना बचाने छुट्टी के दिन खुले हाईकोर्ट के दरवाजे, कोर्ट ने रोकी बुलडो...
कृषि

किसान भाई टिड्डी दल से बचाव हेतु सतर्कता बरते – उप संचालक कृषि

होशंगाबाद। उप संचालक कृषि जितेन्द्र सिंह ने जिले के किसानो से कहा है कि वे टिड्डी दल से बचाव हेतु सर्तकता बरते। उन्होंने जानकारी दी है कि टिड्डी दल राजस्थान से होते हुए मध्यप्रदेश के नीमच, मंदसौर , देवास से होते हुए सीहोर जिले के रेइटी के पास जंगलो में झुलयारपुर ग्राम में पहुँचने की सूचना प्राप्त हुई है। टिड्डी दल के जिले में भी प्रकोप की आशंका को दृष्टिगत रखते हुए सावधानी बरतना जरूरी है। जिले के किसानो से अनुरोध है कि वे इस कीट की सतत निगरानी रखे। यह कीट सांयकाल 7 बजे से रात्रि 9 बजे के मध्य विश्राम के लिए कही भी बैठ सकते हैं ऐसा पाये जाने पर इसकी जानकारी तत्काल स्थानीय प्रशासन को दे। यदि टिड्डी दल का प्रकोप हो गया है तो सभी किसान भाई टोली बनाकर विभिन्न तरह की परम्परागत उपाय जैसे शोर मचाकर, अधिक ध्वनि वाले यंत्रो को बजाकर इन्हे भगाया जा सकता है। इसके लिए मांदल, ढोलक, ट्रेक्टर का सायलेंसर निकालकर आवाज की जा सकती है साथ खाली टीन के डिब्बे, थाली इत्यादि से भी सामूहिक प्रयास से ध्वनि की जा सकती है ऐसा करने से टिड्डी नीचे नही आकर फसल / वनस्पति पर न बैठते हुए आगे प्रस्थान कर जाते हैं। सांय के समय टिड्डी दल का प्रकोप हो तो सुबह 4 बजे से सूर्योदय तक कीटनाशी दवा ट्रेक्टर चलित स्प्रे पंप (पॉवर स्प्रेयर) द्वारा जैसे क्लोरपॉयरीफॉस 20 ईसी 1200 मिली या डेल्टामेथरिन 2.8 ईसी 600 मिली अथवा लेम्डासाईलोथिन 5 ईसी 400 मिली , डाईफ्लूबिनज्यूरॉन 25 डब्ल्यूटी 240 ग्राम प्रति हेक्टर 600 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काब करे। उप संचालक श्री सिंह ने किसान भाईयो को यह भी सलाह दी है कि टिड्डी दल के आक्रमण के समय यदि कीटनाशी दवा उपलब्ध न हो तो ऐसी स्थिति में ट्रेक्टर चलित पॉवर स्प्रे के द्वारा तेज पानी के बौछार से भी भगाया जा सकता है। उन्होंने बताया है कि इस हेतु जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, कंट्रोल रूम को संपर्क नंबर 07574-251003 है। इसके अलावा कृषि विभाग के समस्त मैदानी अमला को भी निगरानी कर सतर्क रहने के निर्देश दिये गये हैं ।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!