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यूं ही फेंक देते हैं हम जिन बालों को, 2000 रुपये किलो है उसकी कीमत, भारत-पाक में मची होड़

नई दिल्ली [जागरण स्पेशल]। घरों में सुबह-शाम जिसे हम कूड़ा समझकर फेंक देते हैं, वास्तव में उनकी कीमत हजारों रुपये में है। पूरी दुनिया में इसका सालाना कारोबार कई अरब रुपये का है। वैश्विक बाजार में भारत और पाकिस्तान इस मार्केट के प्रमुख निर्यातक हैं। दोनों देशों में इस कारोबार पर कब्जा करने की होड़ मची हुई है। दुनिया के कई विकसित देश इसके खरीदार हैं।

यहां हम बात कर रहे हैं, मानव बाल की। जी हां, सुनने में ये भले ही अटपटा लग रहा हो, लेकिन मानव बाल भारत-पाकिस्तान की अर्थ व्यवस्था का मजबूत हिस्सा बनते जा रहे हैं। अमूमन हमरे घरों में टूटे बाल या शैलून में काटे गए बाल कूड़े में फेंक दिए जाते हैं। वहीं कुछ लोगों के लिए ये करोड़ों का कारोबार और कमाई का प्रमुख जरिया है।
पाक ने पांच साल में कमाए 11.43 करोड़ रुपये
पाकिस्तानी संसद के निचले सदन में पहली बार मानव बालों के निर्यात की वाणिज्यिक कीमत के बारे में रिपोर्ट पेश की गई है। पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्रालय की तरफ से पेश इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पांच साल में उन्होंने मानव बाल के निर्यात से 1.6 मिलियन यूएस डॉलर ( भारतीय मुद्रा में 11,43,60,000 रुपये) का व्यापार किया है। पाकिस्तान से मानव बाल खरीदने वाले देशों में प्रमुख रूप से चीन, अमेरिका (US) और यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) समेति दुनिया के कई देश शामिल हैं।
580 करोड़ रुपये से ज्यादा का है वैश्विक कारोबार
यूएस और जापान, पाकिस्तान से प्रीमियम क्वालिटी के बालों के सबसे बड़े खरीदार हैं। ये देश इन बालों का इस्तेमाल अपने मनोरंजन उद्योग में करते हैं। वहीं चीन में कास्मेटिक उद्योग के बढ़ने के साथ ही मानव बालों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। वर्ष 2017 के दौरान दुनिया भर में मानव बाल के निर्यात का कुल कारोबार तकरीबन 81.2 मिलियन यूएस डॉलर (भारतीय मुद्रा में लगभग 580 करोड़ रुपये) रहा था।

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