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तेंदुए से बचने के लिए महिला ने 15 मिनट तक किया संघर्ष, लाठी मारकर बचाई जान

बेगमगंज/रायसेन. यहां 40 साल की एक महिला पर तेंदुए ने हमला कर दिया। अचानक हुए हमले में महिला बुरी तरह जख्मी हो गई। लेकिन, उसने हिम्मत नहीं हारी। जख्मी हालत में ही उसने तेंदुए से संघर्ष किया। महिला ने लाठी से पूरी ताकत से तेंदुए पर वार किए। इसके बाद तेंदुआ भाग गया। महिला की हालत गंभीर है उसे भोपाल रेफर किया गया है।

‘जिंदा बचने की उम्मीद खत्म हो गई थी’
ढिलवार गांव में रहने वाली बिन्नी बाई (40) पत्नी चेतराम बंसल सोमवार सुबह खेत पर गई थी। जब देर शाम तक वह घर नहीं पहुंची तो परिवार के लोग उसे देखने खेत पर पहुंचे। वहां महिला बुरी तरह जख्मी हालत में मिली। सबसे ज्यादा गहरे घाव उसके चेहरे पर हैं। घटना शाम 5 बजे की बताई जा रही है।

जख्मी बिन्नी ने कहा, “जब वह खेत पर काम कर रही थी, तभी अचानक तेंदुए ने हमला किया। पहले मैं घबरा गई। लेकिन, हिम्मत नहीं हारी। मैंने पास में पड़ी हुई लाठी उठाकर तेंदुए को मारी। इसके बाद तेंदुए ने पंजे से कई प्रहार किए। मुझे लग रहा था कि अब बचना मुश्किल है। 10-15 मिनट तक मैं तेंदुए से संघर्ष करती रही। बाद में वह भाग गया।”

खेत पर जाने से डर रहे हैं ग्रामीण
जिले के ढिलवार और केसलोन गांव में तेंदुए का आतंक पिछले कई दिनों से बना हुआ है। रविवार को तेंदुए ने केसलोन गांव में गाय का शिकार किया था। ग्रामीणों में इस कदर दशहत है कि खेतों पर जाना बंद कर दिया है या फिर समूह के रूप में खेतों पर जा रहे हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि जब गाय ने तेंदुए पर हमला किया था, तब वन विभाग को जानकारी दी गई थी। लेकिन, सुल्तानगंज वन विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। केसलोन और ढिलवार गांव के बीच 8 किमी की दूरी है। दोनों गांवों के जंगल भी अलग-अलग है। ऐसे में माना जा रहा है कि दोनों ही स्थानों पर अलग-अलग तेंदुए ने हमला किया है।

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