ब्रेकिंग
Narmdapuram कलेक्टर की संजीदगी - साइकिल से दफ्तर पहुंचने वाले आईएएस सोमेश मिश्रा नर्मदापुरम कलेक्टर Narmadapuram जिले के स्कूलों में अनुरक्षण कार्यो होगा भौतिक सत्यायन सोहागपुर में खुले में गेहूँ उपार्जन करने से सहकारी समितियों का इंकार उमंग सिंगार का आरोप - गेहूं खरीदी में देरी इसलिए की जा रही है ताकि भाजपा के एजेंटों और बिचौलियों को ... नरवाई जलाने वाले किसानों के विरुद्ध कार्यवाई, प्रशासन की चेतवानी के बाद भी जलाई नरवाई JABALPUR - बीपीएल परिवार का आशियाना बचाने छुट्टी के दिन खुले हाईकोर्ट के दरवाजे, कोर्ट ने रोकी बुलडो... RTI जानकारी नहीं देने पर लोक सूचना अधिकारी पर 25 हजार जुर्माना Narmdapuram अमानक पालिथिन का उपयोग करते पाए जाने पर नपा ने किया 11 सौ का जुर्माना Bhopal विजयपुर सीट को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाएगी कांग्रेस- उमंग सिंगार katni - रिश्‍वत मेंं मंहगा मोबाइल फोन मांगना पड़ा भारी, 5 हजार की पहली किश्‍त के साथ लोकायुक्‍त ने द...
कृषि

कमिश्नर ने की प्राकृतिक एवं जैविक कृषि कर रहे कृषकों से की  चर्चा

जैविक सब्जियों एवं अनाज का अवलोकन भी किया गया। 

नवलोक समाचार, होशंगाबाद। नर्मदापुरम संभाग के कमिश्नर श्री रजनीश श्रीवास्तव ने बुधवार 21 अक्टूबर को कमिश्नर कार्यालय के सभाकक्ष में प्राकृतिक एवं जैविक कृषि कर रहे कृषक श्री मानसिंह गुर्जर एवं रूप सिंह राजपूत से चर्चा की। इस दौरान वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर के के मिश्रा एवं उप संचालक कृषि जितेंद्र सिंह  उपस्थित रहे। कमिश्नर श्री श्रीवास्तव ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में जैविक खेती एक अच्छा विकल्प है। उन्होंने कहा जैविक खेती को अधिक से अधिक प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने जिले के कृषको से आग्रह किया कि वे स्वयं के उपयोग हेतु अपनी कृषि भूमि के कम से कम 5% भाग में जैविक खेती अवश्य करें।            वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ के के मिश्रा ने बताया कि जैविक कृषि मिट्टी की गुणवत्ता एवं स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से लाभदायक है। ग्राम गरघा विकासखण्ड बनखेड़ी निवासी कृषक श्री मान सिंह गुर्जर ने बताया कि वह पिछले 10 वर्षों से अपनी 16 एकड़ भूमि पर प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। वे प्राकृतिक खेती से ज्यादा लाभ प्राप्त कर पा रहे है। वे बीज उपचार के लिए जीवामृत ,घनजीवामृत एवं कीट प्रबंधन के लिए ब्रह्मास्त्र और अग्नस्त्रा का प्रयोग कर रहे हैं। जैविक खेती के माध्यम से  सब्जी एवं अनाज के उत्पादन के साथ-साथ उनकी आय में भी वृद्धि हुई है। वे उत्पादित सब्जियों एवं अनाजों का   बड़े शहरों भोपाल ,इंदौर ,दिल्ली आदि  बड़े शहरों में विक्रय करते है।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!