ब्रेकिंग
Narmdapuram सोहागपुर में आर आई के ऊपर 20 हजार की रिश्वत का आरोप, जनसुनवाई में शिकायत Narmdapuram सोहागपहुर में बिना साहूकारी लायसेंस के चल रहा ब्‍याज का करोबार, न कार्रवाई का डर बल्कि द... लिपिक ने लिया अवकाश तो बौखलाए बीईओ ने रोक दिया वेतन Sohagpur थार गाड़ी से पांच लाख से ऊपर की रकम उड़ाने वाली महिला अरेस्ट, पुलिस की तत्परता से पकड़ी गई मह... Sohagpur श्यामा प्रसाद मुखर्जी काम्पलेक्स में लिफ्ट के लिये छोड़ी जगह में बन रही दुकानें Narmdapuram एसपी की हिदायत, रिकवरी एजेंट विधि विरुद्ध तरिके से वाहन सीज न करें Pipriya ग्राम ऊंटिया किशोर में पकड़ी गांजे की खेती… Narmdapuram कलेक्टर की संजीदगी - साइकिल से दफ्तर पहुंचने वाले आईएएस सोमेश मिश्रा नर्मदापुरम कलेक्टर Narmadapuram जिले के स्कूलों में अनुरक्षण कार्यो होगा भौतिक सत्यायन सोहागपुर में खुले में गेहूँ उपार्जन करने से सहकारी समितियों का इंकार
विदेश

9 महीने के बच्चे को 24 घंटे में 25 हार्ट अटैक, फिर भी बच गया जिंदा

लंदन। ब्रिटेन में नौ महीने के एक बच्चे थियो फ्राई को 24 घंटे में 25 हार्टअटैक आए। मगर, इसके बाद भी उसकी जान बच गई। अब डॉक्टर भी थियो फ्राई को ‘मिरेकल बेबी’ कह रहे हैं। ऐसा दुनिया में पहली बार हुआ है, जब किसी बच्चे को 25 हार्टअटैक आए हों और फिर भी वह न सिर्फ जिंदा बचा हो, बल्कि सामान्य जिंदगी जी रहा हो।

थियो फ्राई अब एक साल सात महीने का हो चुका है। थियो को मई 2017 में पैदा होने के 8 दिन बाद पहली बार सालफोर्ड रॉयल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। वहां डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की 40 लोगों की टीम को यह पता नहीं था कि बच्चे को क्या हुआ है। मगर, उन्हें यह पता था कि बच्चे की हालत काफी नाजुक है। इसके बाद उसे लिवरपूल के एल्डर हे हॉस्पिटल ले जाया गया। वहां पता चला कि इंटरप्टेड ओर्टिक आर्च हो गया था, जिससे उसके शरीर में खून ठीक से पंप नहीं हो रहा था।
चार दिनों के बाद डॉक्टरों की सलाह पर थियो की मां फॉव सेयर्स और पिता स्टीवन फ्राई ने ओपन हार्ट सर्जरी की मंजूरी दे दी। ऑपरेशन के दौरान भी थियो को हार्टअटैक आया, लेकिन उसकी हालत स्थिर रही। तीन महीने अस्पताल में रिकवरी के दौरान उसे दूसरा हार्ट अटैक आया। मगर, वह इससे जूझता रहा और जुलाई 2017 में उसे घर भेज दिया गया था। इसके बाद 21 दिसंबर को थियो के दिल की धड़कनें फिर बढ़ने के बाद उसे दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया गया। 31 जनवरी को उसे 25 हार्टअटैक आए।

आखिरकार इलाज करने वाली टीम का नेतृत्व करनेवाले डॉ. रमन धन्नापुनेनी ने थियो को आने वाले हार्टअटैक की वजह का पता लगा लिया। थियो के दिल का बायां हिस्सा टिश्यू से ढंका था, जिसकी वजह से उसे बार-बार हार्ट अटैक आ रहे थे। डॉक्टर रमन धन्नापुनेनी का कहना है कि यह घटना किसी चमत्कार से कम नहीं। 24 घंटे में 25 अटैक के बाद थियो का दिल जिस हालत में था, वह बहुत रिस्की था। मगर, इसे हम चमत्कार के अलावा कुछ नहीं कह सकते। चिकित्सकीय इतिहास में इस बच्चे को ‘मिरेकल बेबी’ ही कहा जाएगा।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!