ब्रेकिंग
RTI जानकारी नहीं देने पर लोक सूचना अधिकारी पर 25 हजार जुर्माना Narmdapuram अमानक पालिथिन का उपयोग करते पाए जाने पर नपा ने किया 11 सौ का जुर्माना Bhopal विजयपुर सीट को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाएगी कांग्रेस- उमंग सिंगार katni - रिश्‍वत मेंं मंहगा मोबाइल फोन मांगना पड़ा भारी, 5 हजार की पहली किश्‍त के साथ लोकायुक्‍त ने द... अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध ताबड़तोड़ कार्यवाही पिपरिया : आदमखोर हुआ टाइगर, आदिवासी युवक को बनाया शिकार, मौके पर मौत Pipriya : स्ट्रीट डॉग के हमले से छः साल का मासूम घायल, 30 से ज्यादा बार काटा Narmdapuram : हॉकी टूर्नामेंट, मंडीदीप ने जीता फाइनल मुकाबला Sohagpur करणपुर देव प्राण प्रतिष्‍ठा महोत्‍सव – कलश याञा निकली पचमड़ी की वादियों में गुजेंगा बम बम भोले का जयकारा
देश

फारूक अब्दुल्ला ने क्यों कहा- राम मंदिर बनेगा, तो एक पत्थर लगाने खुद जाऊंगा अयोध्या

नई दिल्ली। राम मंदिर मसले पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने नेता फारूक अब्दुल्ला का बड़ा बयान सामने आया है। फारूख का कहना है कि राम मंदिर मसले को बातचीत से सुलझा लेना चाहिए था, इसे अदालत तक जाना ही नहीं चाहिए था। मुझे विश्वास है कि बातचीत के माध्यम से यह मसला हल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि भगवान राम सभी के हैं, वे केवल हिंदुओं के नहीं।

कोर्ट तक पहुंचना नहीं चाहिए था मसला : फारूक

अब्दुल्ला का यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख दे दी हैं। वहीं, हाल में एक समाचार एजेंसी को दिए अपने इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि उनकी सरकार राम मंदिर मसले पर अध्यादेश नहीं लाएंगे, इस मुद्दे पर अध्यादेश का फैसला कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा यानी मंदिर पर अदालत के फैसले का इंतजार करना होगा। हालांकि अब्दुल्ला का कहना है कि इस मामले को कोर्ट तक पहुंचना ही नहीं चाहिए था।
..तो खुद पत्थर लगाने जाऊंगा

इस बीच अब्दुल्ला ने यह भी कहा, ‘भगवान राम से किसी को कोई बैर नहीं है, न होना चाहिए। कोशिश करने चाहिए मामले को सुलझाने की और मंदिर बनाने की। जिस दिन ऐसा होगा, मैं खुद एक पत्थर लगाने जाऊंगा। जल्द समाधान होना चाहिए।’
गौरतलब है कि शुक्रवार को सिर्फ 60 सेकेंड के अंदर सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला सुना दिया कि मामले की अगली सुनवाई 10 जनवरी को होगी। कोर्ट ने कहा कि उसके द्वारा गठित एक उपयुक्त पीठ राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि मालिकाना विवाद मामले की सुनवाई करेगी। नई पीठ यह तय करेगी कि इस मसले पर रोज सुनवाई हो या नहीं।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!