ब्रेकिंग
30 फीट ऊंची दही हांडी फोड़ छिंदवाड़ा टीम बनी विजेता, इनामी राशि बढ़कर पहुंची 57,400 रुपए कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में मंत्री विजय शाह के खिलाफ कार्रवाई की मांग आभूषण दुकान से अंगूठी चुराने वाली दो महिलाएं गिरफ्तार, 60 हजार का माल बरामद पचमढ़ी में गैंगरेप आरोपियों को कोर्ट ले जाते समय हंगामा बैगा गांवों में दूषित पानी से 7 बच्चों की मौत पर सिंगार ने CM को लिखा पत्र पचमड़ी मानसून मेराथन में शामिल हुए सांसद दर्शन सिंह Sohagpur सीसी रोड का हुआ भूमिपूजन, रामगंज वार्ड को मिली सड़क निर्माण की सौगात भोपाल में फर्जी लोकेशन से लग रही थी अटेंडेंस! सीएमएचओ की बड़ी कार्रवाई, डॉक्टरों और कर्मचारी की सैलर... Bhopal राजधानी के अचारपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, अमानक स्तर पर ... Narmdapuram चरित्र शंका में ढावा संचालक और भाजपा नेता की गोली मारकर हत्या
क्राइम अलर्ट

तेंदुए से बचने के लिए महिला ने 15 मिनट तक किया संघर्ष, लाठी मारकर बचाई जान

बेगमगंज/रायसेन. यहां 40 साल की एक महिला पर तेंदुए ने हमला कर दिया। अचानक हुए हमले में महिला बुरी तरह जख्मी हो गई। लेकिन, उसने हिम्मत नहीं हारी। जख्मी हालत में ही उसने तेंदुए से संघर्ष किया। महिला ने लाठी से पूरी ताकत से तेंदुए पर वार किए। इसके बाद तेंदुआ भाग गया। महिला की हालत गंभीर है उसे भोपाल रेफर किया गया है।

‘जिंदा बचने की उम्मीद खत्म हो गई थी’
ढिलवार गांव में रहने वाली बिन्नी बाई (40) पत्नी चेतराम बंसल सोमवार सुबह खेत पर गई थी। जब देर शाम तक वह घर नहीं पहुंची तो परिवार के लोग उसे देखने खेत पर पहुंचे। वहां महिला बुरी तरह जख्मी हालत में मिली। सबसे ज्यादा गहरे घाव उसके चेहरे पर हैं। घटना शाम 5 बजे की बताई जा रही है।

जख्मी बिन्नी ने कहा, “जब वह खेत पर काम कर रही थी, तभी अचानक तेंदुए ने हमला किया। पहले मैं घबरा गई। लेकिन, हिम्मत नहीं हारी। मैंने पास में पड़ी हुई लाठी उठाकर तेंदुए को मारी। इसके बाद तेंदुए ने पंजे से कई प्रहार किए। मुझे लग रहा था कि अब बचना मुश्किल है। 10-15 मिनट तक मैं तेंदुए से संघर्ष करती रही। बाद में वह भाग गया।”

खेत पर जाने से डर रहे हैं ग्रामीण
जिले के ढिलवार और केसलोन गांव में तेंदुए का आतंक पिछले कई दिनों से बना हुआ है। रविवार को तेंदुए ने केसलोन गांव में गाय का शिकार किया था। ग्रामीणों में इस कदर दशहत है कि खेतों पर जाना बंद कर दिया है या फिर समूह के रूप में खेतों पर जा रहे हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि जब गाय ने तेंदुए पर हमला किया था, तब वन विभाग को जानकारी दी गई थी। लेकिन, सुल्तानगंज वन विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। केसलोन और ढिलवार गांव के बीच 8 किमी की दूरी है। दोनों गांवों के जंगल भी अलग-अलग है। ऐसे में माना जा रहा है कि दोनों ही स्थानों पर अलग-अलग तेंदुए ने हमला किया है।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!