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सड़क हादसांे में बच्चों की मौत में मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान पर एक वर्ष मंे दस हजार से अधिक लोगों ने जान गंवाई ये है, शिवराजसिंह की अमेरिका से अच्छी चमचमाती सड़कों का सच इस सच्चाई पर शिवराज प्रदेशवासियों से माफी मांगे: कमलनाथ

नवलोक समाचार
प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा है कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की रिपोर्ट से शिवराजसिंह के झूठ का खुलासा हो गया है कि मध्यप्रदेश की सड़कंे अमेरिका से अच्छी हैं।
कमलनाथ ने कहा कि रिपोर्ट के मुताबिक पिछले वर्ष दस हजार 177 लोगों ने मध्यप्रदेश की सड़कों पर अपनी जान गंवा दी। इसमें 962 बच्चों की मौतें भी शामिल हैं। अमेरिका से अच्छी सड़कों पर सड़क हादसे में बच्चों की मौत के मामलों में मध्यप्रदेश देश का तीसरा राज्य बन गया है। यह है समृद्ध मध्यप्रदेश की तस्वीर। इस सच्चाई के सामने आने के बाद शिवराजसिंह को झूठ पर झूठ बोलने के लिये प्रदेश की जनता से माफी मांगना चाहिये। सड़कों के इस सच को उन्हें स्वीकारना चाहिये।
नाथ ने कहा कि साल 2016 में भी मध्यप्रदेश में 9 हजार 646 मौतें हुई थीं। इसके अलावा सड़क परिवाहन मंत्रालय ने 2015 में राज्य सभा में जो रिपोर्ट पेश की थी, उसमें भी सड़क हादसों में 3 हजार 70 लोगों की जानें गंवाकर मध्यप्रदेश खराब सड़कों के कारण सर्वाधिक मौतों में देश का पहला राज्य था। रोड इंजीनियरिंग की खामी और खराब सड़कों के कारण मध्यप्रदेश में सड़क हादसों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। सड़क सुरक्षा नीति केवल कागजी बनकर रह गयी। यही कारण है कि प्रदेश में कुल लगभग 58 हजार सड़क हादसे हुए हैं। इनमें 10 हजार 177 मौतों के अलावा 53 हजार 400 लोग घायल भी हुए हैं।
बिना सोचे घोषणायें करने वाले देश के पहले मुख्यमंत्री हैं शिवराजसिंह चैहान। मनमोहन सिंह सरकार ने सड़क योजनाओं में जो करोड़ों रूपये दिये थे उसका भी कोई हिसाब नहीं है। यह राशि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दी गयी। जिसके कारण आज प्रदेश की सड़कें खस्ताहाल व गड्डेदार है।

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