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मामा के मुखौटे का आघात, महिलाओं-बच्चों से विश्वासघात- बच्चों की तस्करी का रोंगटे खड़े कर देने वाला सच

मध्यप्रदेश में शिवराजसिंह चैहान ने जब से स्वयं को बहनों-बेटियों और बच्चों के मामा होने का ढोल पीटना चालू किया है, तभी से बहन-बेटियों की तरक्की और आबरू दोनों खतरे में हैं। जैसे-जैसे शिवराज सिंह चैहान सैकड़ों करोड़ रूपये खर्च कर अपनी छवि मामा के रूप में रोशन करने लगे, वैसे-वैसे मध्यप्रदेश के बच्चों का भविष्य अंधकार मय होता गया। आज हम मामा के मुखौटे का कच्चा चिट्ठा ‘अंधेर गर्दी चैपट राज’ जारी कर रहे हैं। शिवराज के सत्ता सम्हालने के बाद मासूम बेटियों के साथ दुष्कर्म 249 प्रतिशत बढ़ गया। वर्ष 2004 में 710 घटनायें होती थी वे बढ़कर आज 2479 हो गई हैं। बहन-बेटियों के अपहरण 755 प्रतिशत बढ़ गये हैं। वर्ष 2004 में 584 अपहरण की घटनाऐं होती थी जो आज बढ़कर 4994 हो गयी हैं। यह जानकर रूह कांप जाती है कि मामा राज में 241535 महिलाएंे अपराधियों का शिकार हुई हैं।
ऐसा नहीं कि मामा राज की सरपस्ती में सिर्फ अपराध ही बढ़े हैं, मामा सरकार न्यायालय में भी बेटियांे की अपेक्षा अपराधियों का साथ दे रही है। महिला अपराध में सजा की दर मात्र 27.8 है अर्थात 70 प्रतिशत अपराधी कमजोर प्रोसिक्यूशन की वजह से छोड़ दिये जाते हैं। मामा जी जब शासन में आये थे, तब महिला अपराध के लगभग 7000 मामले लंबित थे। आज यह आंकड़ा 85383 पहुंच गया है अर्थात 79.7 प्रतिशत प्रकरण लंबित हैं।
2. नौनिहालों को धकेला अशिक्षा के अंधकार में:-
बहन-बेटियां ही नहीं मामा राज में मध्यप्रदेश के नौनिहाल भी अराजक सत्ता के सताऐं हुए हैं। अपराधियों के भय और अशिक्षा की आग में मामा जी ने बच्चों का भविष्य झौंक दिया है। मध्यप्रदेश में बच्चांे एवं नवजात शिशुआंे की मृत्यु दर देश में सबसे ज्यादा है। एक साल तक के 90 हजार बच्चें अपना पहला जन्मदिन भी नहीं मना पाते। इसी प्रकार जीवन के 28 दिन के बाद ही 61 हजार बच्चे प्रतिवर्ष मौत की आगोश में समा जाते हैं। इस बात की कल्पना भी नहीं की जा सकती कि मामा राज में 32 प्रतिशत नाबालिग बच्चियों की शादियां करा दी जाती हैं, जो खुद छोटी-मासूम नाबालिग बच्चियां है, जिनकी खेलने की उम्र है, वे अपनी गोद मंे बच्चे खिला रही हैं, यह कितना बड़ा अपराध है जो मामा राज में मासूम बच्चियों के साथ किया जा रहा है।
मामा राज के तेरह सालों में 88908 बच्चे अपराधियों का शिकार हुए हैं, 23243 बच्चे अपहरणकर्ताओं की गिरफ्त में आये हैं और 18004 बच्चे बलात्कार का शिकार हुए हैं। कहते हैं कि किसी भी राज्य का भविष्य उसके नौनिहालों की शिक्षा पर आधारित होता है। मामाजी ने शिक्षा-व्यवस्था का ही बेढ़ागर्क कर दिया तो मध्यप्रदेश का भविष्य कैसे संवर सकता है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय केंद्र सरकार की रिपोर्ट बताती है कि मध्यप्रदेश के प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक कुल 150762 स्कूलों में से 71.2 प्रतिशत स्कूलों में बिजली के कनेक्शन भी नहीं हैं। सिर्फ 15 प्रतिशत स्कूलों में कम्प्यूटर की शिक्षा दी जा रही है। सिर्फ 19 प्रतिशत स्कूलों में पुस्तकालय की व्यवस्था है। सर्व शिक्षा अभियान के तहत पहली से आठवी कक्षा तक बच्चों को पाठ्य पुस्तक निगम से मुफ्त किताबें दिये जाने का प्रावधान है। कैग 2017 की रिपोर्ट बताती है कि 2010 से 2016 के बीच 42 लाख 88 हजार किताबें बच्चों को बांटी ही नहीं गईं और आगे यह रिपोर्ट खुलासा करती है कि मध्यप्रदेश में 63851 शिक्षकों की कमी है।
3. बच्चों की तस्करी का खुला खेल-मामा राज के अपराधी जायेंगे जेल:-
अब जो खुलासा किया जा रहा है वह बेहद ही दर्दनाक और हृदयविदारक है। एक माँ होने के नाते जब मेरी निगाह मामा सरकार में हो रहे बच्चों की तस्करी के कारोबार पर गई तो मेरा मन फूट-फूट कर रोने लगा कि क्या कोई सरकार इतनी भी गैर जिम्मेदार और निष्ठुर हो सकती है कि बड़े पैमाने पर हो रही बच्चों और मानव तस्करी को मौन साधे देखती रहे। हरगिज यह बर्दाश्त के काबिल नहीं है। मध्यप्रदेश में 2004 से 2017 तक 1 लाख 18 हजार 789 बच्चे गुम हुए हैं, इसमें 70 हजार से अधिक बेटियां हैं। जिसमें से आज भी 19 हजार 153 बच्चे गायब हैं। कानून यह कहता है कि अगर तीन माह से अधिक बच्चे नहीं मिलते हैं तो मानव तस्करी का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। मगर मामा जी अपनी झूठी प्रसिद्धी का फूटा हुआ ढोल पीटते हैं और मानव तस्करी का मुकदमा दर्ज नहीं करते।
अब जो सच मैं, बता रही हूँ वो जानकार आपके पैरों के तले जमीन ही खिसक जाएगी, हाल ही में 11 नवंबर को हुए एक सोशल एक्टिविस्ट के स्टिंग आपरेशन के जरिये आदिवासी बाहुल्य अलीराजपुर कसेहतरा में जो गुजरात महाराष्ट्र बाॅर्डर से लगा हुआ है। अलीराजपुर जिले में बच्चो कि तस्करी का मामला सामने आया है। जहां पर भाजपा नेता पिन्टू जैसवाल के समधी और प्रसिद्द व्यवसायी शैलेन्द्र सिंह राठौर पर थ्प्त् दर्ज हुई है जो अभी जेल में है।
इसी कड़ी में पूछताछ के दौरान गुजरात भाजपा से छोटा उदयपुर के पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष राजू अग्रवाल को मध्यप्रदेश पुलिस ने इसी मामले में गिरफ्तार किया है, इतना बड़ा मानव तस्करी का मामला सामने आया है जो भाजपा नेताओं के संगरक्षण से जुड़े लोगों के बिना संभव नहीं है, 11 दिसंबर के बाद जब हमारी सरकार बनेगी तो यह वचन देते है कि इसमें शामिल लोगों को बख्शा नहीं जायेगा और समय सीमा में जांच कर पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाऐंगे।

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