ब्रेकिंग
RTI जानकारी नहीं देने पर लोक सूचना अधिकारी पर 25 हजार जुर्माना Narmdapuram अमानक पालिथिन का उपयोग करते पाए जाने पर नपा ने किया 11 सौ का जुर्माना Bhopal विजयपुर सीट को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाएगी कांग्रेस- उमंग सिंगार katni - रिश्‍वत मेंं मंहगा मोबाइल फोन मांगना पड़ा भारी, 5 हजार की पहली किश्‍त के साथ लोकायुक्‍त ने द... अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध ताबड़तोड़ कार्यवाही पिपरिया : आदमखोर हुआ टाइगर, आदिवासी युवक को बनाया शिकार, मौके पर मौत Pipriya : स्ट्रीट डॉग के हमले से छः साल का मासूम घायल, 30 से ज्यादा बार काटा Narmdapuram : हॉकी टूर्नामेंट, मंडीदीप ने जीता फाइनल मुकाबला Sohagpur करणपुर देव प्राण प्रतिष्‍ठा महोत्‍सव – कलश याञा निकली पचमड़ी की वादियों में गुजेंगा बम बम भोले का जयकारा
देश

हम भीख नहीं मांग रहे, राम मंदिर के लिए कानून लाए सरकार: भैयाजी जोशी

नई दिल्ली. विश्व हिन्दू परिषद (वीएचपी) ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण की मांग को लेकर रविवार को रामलीला मैदान में ‘विराट धर्म-सभा’ की। इसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने भाजपा पर राम मंदिर निर्माण का वादा पूरा न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर को लेकर कोई भीख नहीं मांग रहे हैं, हम अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं। देश राम राज्य चाहता है, सरकार इसके लिए कानून लाए।

‘सत्ता में बैठे लोगों ने राम मंदिर निर्माण का वादा किया था’
भैयाजी जोशी ने कहा, ”जो लोग आज सत्ता में हैं, उन्होंने राम मंदिर बनाने का वादा किया था। उन्हें लोगों को सुनना चाहिए और अयोध्या में राम मंदिर बनाने की मांग को मानना चाहिए। सत्ता में बैठे लोगों को जनभावनाओं का ख्याल रखना चाहिए।”

जोशी ने कहा, ”इस मामले में न्यायालय की प्रतिष्ठा बनी रहनी चाहिए। न्यायालय को भी लोगों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। क्योंकि जिस देश में न्याय व्यवस्था, न्यायालय के प्रति अविश्वास हो उसका उत्थान संभव नहीं, इस पर भी अदालत को विचार करना चाहिए।”

उन्होंने कहा, ”देश पर हमला करने वालों की निशानियां मिटनी चाहिए। हमारा किसी के साथ कोई संघर्ष नहीं है, चाहे वह किसी भी धर्म को मानने वाला हो। अगर हमें संघर्ष ही करना होता तो इतनी देर राह नहीं देखते। मंदिर का निर्माण भविष्य में रामराज्य की नींव रखेगा।”

विहिप के संयुक्त सचिव सुरेंद्र जैन ने यहां कहा, ”धर्म सभा का लक्ष्य राम मंदिर निर्माण के लिए सभी राजनीतिक दलों पर दबाव डालना है ताकि संसद के शीतकालीन

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!