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4 माह से अतिथि शिक्षकों को नही मिला मानदेय – आर्थिक तंगी से जूझ रहे अतिथि शिक्षक

शीघ्र मानदेय देने की मांग

नवलोक समाचार, होशंगाबाद। मध्य प्रदेश ने स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था सुधारने रिक्त शिक्षकों वाली शालाओ में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति तो की लेकिन पिछले 4 महीनों से आवंटन न आने से मानदेय नही दिया गया। जिससे स्कूलों में शैक्षणिक व्यवस्था को संभाल रहे अतिथि शिक्षकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है, जिले भर के अलावा प्रदेश भर के कई जिलों में मानदेय नही दिया जा रहा , इधर होशंगाबाद जिले के शिक्षा अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार शासन स्तर से ही आवंटन जारी नही किया गया है, इसलिए मानदेय भी नही दिया जा रहा , अतिथी शिक्षक संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि कमलनाथ सरकार आईफा आवर्ड का आयोजन करोड़ो खर्च कर इंदौर में आयोजित कर रही है , लेकिन कर्मचारियों के वेतन के लाले पड़े हुए है।
बता दे मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार में वर्ष 2019 में शिक्षा विभाग में थोक बन्द तबादले तो कर दिये , लेकिन रिक्त शिक्षकों वाली शालाओ में अन्य स्थानों से प्रशासनिक तबादले कर शिक्षकों की पूर्ति नही की , जिसके चलते शिक्षा व्यवस्था चौपट हो रही है। वही स्कूलों में व्यवस्था बनाने के लिये जिन अतिथि शिक्षकों को रखा गया है , उन्हें 4 महीने से मानदेय नही दिया गया। अब अतिथि शिक्षक आंदोलन को राह पर चलने के मूड में है, बता दे कि न तो सरकार शिक्षकों की भर्ती कर रही है और न ही अतिथि शिक्षकों का विभाग में संविलियन कर उन्हें नियमित कर रही है। अतिथि शिक्षक तुलाराम अहिरवार का कहना है कि कमलनाथ सरकार को हम लोगो के घर परिवार चलाने की कोई चिंता नही है , जबकि अतिथि शिक्षक नियमित शिक्षकों से अधिक परिश्रम कर शिक्षा दे रहे है। सरकार द्वारा मध्य प्रदेश में आईफा आवर्ड कार्यक्रम को लेकर संजीदा है लेकिन जिन कर्मचारियों द्वारा मेहनत कर बच्चों को पढ़ाया जा रहा है उन्हें वेतन देने के लिये चिंतित नही है। अतिथि शिक्षकों को मानदेय न दिए जाने को लेकर अब सोशल मीडिया पर भी सरकार की जमकर किरकिरी हो रही है।

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