
Narmdapuram सोहागपहुर में बिना साहूकारी लायसेंस के चल रहा ब्याज का करोबार, न कार्रवाई का डर बल्कि दबंगई से वसूली जाती है रकम
डेली वसूली के लिये दैनिक डायरियों से वसूली जा रही रकम, शिकायत के अभाव में प्रशासन सहित पुलिस कार्रवाई से बचते आ रहे अवैध साहूकार
नवलोक समाचार, सोहागपुर.
यहां पिछले सालो से लगातार अवैध साहूकारी का काम जमकर चल रहा है, वह भी दस प्रतिशत की मासिक ब्याज दर से, इन अवैध सूदखारों द्वारा लेनदार से चेक के बदले मोटी रकम बांटी जा रही है, रकम न लौटाने पर दबंगई से वसूली की जाती है, समय पर रकम न लौटाने पर लेनदारों को जान से मारने तक की धमकियां दी जात है.
बता दें कि पूरे शहर में दो दर्जन से ज्यादा अवैध साहूकार ब्याज पर पैसे बांटने का काम कर रहे है, जिन्हें प्रशासनिक कार्रवाई का बिल्कुल भी डर नही है, जरूरतामंद लोग बैंको के चक्कर काटकर ऋण लेने के बजाय अवैध साहूकारों से पैसे लेकर अपना काम चला रहे है, समय पर रकम न लौटाने पर अवैध साहूकारों द्वारा धमकियां दी जाती है, तीन महीने पूर्व ही कैलाश आसवानी द्वारा सूदखोंरो से परेशान होकर माखननगर की एक होटल में आत्महत्या कर ली गई थी, वही बिगत दिनों नगर के प्रतिष्ठित विजय ड्रेसेस के संचालक मनीष छाबडि़या द्वारा भी सूदखोरों से रकम लेकर समय पर वापिस न लौटाने के चलते घर छोड़कर चले जाने की जानकारी सामने आई थी, जिसके बाद परिवारजनों ने मनीष छाबडि़या की गुमशुदगी की रिर्पोट दर्ज कराई थी.
बताया जा रहा है कि नगर में अवैध रूप से बिना लायसेंस साहूकारी का काम करने वालों द्वारा करोड़ों रूपये नगर के व्यापारियों सहित आम लोगो को बांटा है, चर्चा इस बात की है कि छोटे छोटे व्यवसाय करने वाले जैसे चाट फुल्की बेंचने वाले एवं छोटी छोटी दुकाने चलाने वाले युवकों द्वारा दस रूपये सैकड़ा पर लाखों रूपये की रकम बाजार में बांटी गई है, समय पर ब्याज अथवा मूल रकम न लौटा पाने वालों का परेशान किया जाता है.
नगर परिषद से बनने है साहूकारी के लायसेंस.
साहूकारी का काम करने वालों को नगरीय निकायों के माध्यम से साहूकारी का लायसेंस जारी किया जाता है, इसके लिये साहूकारी का काम करने वालों की आय और इनकम टैक्स रिर्टन आदि की जानकारी नगरीय निकायों को देना होता है, एवं साहूकारी का काम करने वालों को वही खाता भी मेंटेंन करना अनिवार्य होता है, ब्याज भी बैंक से अधिक वसूल नही किया जा सकता है, यदि साहूकार शर्तो का उलंंघन करता है तो वैधानिक कार्रवाई सहित लायसेेंंस निरस्त किये जाने का प्रावधान भी है. 





