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ईवीएम विवाद / हाईकोर्ट से कांग्रेस को झटका; आदेश में कहा- तीन स्तरीय सुरक्षा घेरे में रखी हैं ईवीएम, अलग से कार्रवाई की जरूरत नहीं

जबलपुर/भोपाल. प्रदेश में विधानसभा चुनाव में 5 जिलों में ईवीएम मशीनों से जुड़ी गड़बडिय़ों के मामले काे झटका लगा है। हाईकोर्ट ने शुक्रवार को अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि मतदान वाली सभी ईवीएम मशीनें कड़े सुरक्षा घेरे में सुरक्षित रखी हैं। कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग की रिपोर्ट से स्पष्ट है कि स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए सेंट्रल आर्म्ड मिलिटरी फोर्स का त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है।
भारत निर्वाचन आयोग ने कांग्रेस को सभी वैकल्पिक सुरक्षात्मक उपायों से अवगत भी कराया गया है। ऐसी स्थिति में ईवीएम और स्ट्रांग रूम के लिए कोई कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है। इसके साथ चीफ जस्टिस एसके सेठ और जस्टिस विजय शुक्ला की खंडपीठ ने याचिका का अंतिम निराकरण कर दिया।

हाईकोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग की ओर से बताया गया है कि मतदान वाली ईवीएम और उपयोग नहीं लाई गई ईवीएम के लिए अलग-अलग सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। प्रदेश भर में मतदान के तुरंत बाद ईवीएम और वीवीपैट मशीन सील कर दी गई थीं, जोकि अब मतगणना के दिन यानि 11 दिसंबर को ही खुलेंगी।

कांग्रेस ने लगाई थी ईवीएम में गड़बड़ी होने की याचिका : मप्र कांग्रेस कमेटी के महासचिव नरेश सराफ ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि सतना, भोपाल, सागर, शाजापुर और खंडवा में मतदान के बाद ईवीएम मशीनों के प्रबंधन में व्यापक स्तर पर गड़बडिय़ां हुई हैं। याचिका में मांग की गई थी कि हाईकोर्ट अपनी निगरानी में एसआईटी गठित करे और उक्त स्थानों पर हुई गड़बडिय़ों की जांच कराएं। वहीं, चुनाव आयोग की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ सेठ ने कोर्ट को बताया कि प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने 2 और 4 दिसंबर को उक्त सभी स्थानों के संबंध में बिंदुवार जांच रिपोर्ट भारत निर्वाचन आयोग के साथ ही कांग्रेस को भी प्रेषित कर दी थी।

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