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आरजीपीवी मामला – होशंगाबाद के पिपरिया से एक्सिस बैंक के पूर्व मैनेजर को किया अरेस्ट

पिपरिया एक्सिस बैंक मैनेजर रहते हुए राम रघुवंशी द्वारा 25-25 करोड़ की 4 एफडी की गई थी, जिसके बाद एसआईटी जांच कर रही थी कि भोपाल की आरजीपीवी यूनिवर्सिटी के खाते पिपरिया में क्यो खोले गए। गुरुवार दोपहर बाद पिपरिया से एक्सिस बैंक के पूर्व मैनेजर राम रघुवंशी को पुलिस ने अरेस्ट कर भोपाल लाई , जहां उससे पूछताछ की जा रही है कि पिपरिया में एकॉउंट क्यो खोले गए , राम रघुवंशी 6 महीने जेल में रहने के बाद जमानत पर है।

नवलोक समाचार, नर्मदापुरम।

भोपाल की आरजीपीवी यूनिवर्सिटी में हुए घोटाले के तार नर्मदापुरम जिले के पिपरिया और सोहागपुर से भी जुड़े है, जिसके चलते करोड़ो की हेराफेरी की जांच के लिये एसआईटी गठित की गई जो अलग अलग पॉइंट पर जांच कर रही है। गुरुवार को पिपरिया से एक्सिस बैंक के तत्कालीन मैनेजर राम रघुवंशी को पुलिस ने अरेस्ट कर भोपाल लेकर आई है बताया जा रहा है कि पुलिस इस बात की पूछताछ कर रही है कि राम रघुवंशी का कनेक्शन किस से है और आरजीपीवी के 19.48 करोड़ सरकारी रुपये निजी खातों में कैसे ट्रांसफर हुए, इसके अलावा आरजीपीवी की 4 एफडी जो कि 25 – 25 करोड़ की पिपरिया एक्सिस बैंक से बनाई गई थी , उस के कमीशन और निजी खातों में ट्रांसफर की गई रकम के बन्दरवांट भी राम रघुवंशी द्वारा किया गया है।
बता दे कि पुलिस ने आरजीपीवी मामले में कटारा हिल्स एक्सिस बैंक में अधिकारी रहे कुमार मयंक को अहमदाबाद से अरेस्ट किया है, वही अन्य आरोपी तत्कालीन कुलपति सुनील कुमार, रजिस्ट्रार आरएस राजपूत सहित फाइनेंस कंट्रोलर ऋषिकेश वर्मा पुलिस की पकड़ से दूर है जिन पर पुलिस ने 3 -3 हजार का इनाम घोषित किया है।

बता दे कि आरजीपीवी यूनिवर्सिटी में हुए गड़बड़झाले की शिकायत मार्च के महीने में रजिस्ट्रार मोहन सेन द्वारा भोपाल के गांधी नगर थाने में की गई थी तब से पुलिस लगातार मामले को परत दर परत खोल रही है और अब एसआईटी गठन के बाद कार्यवाई भी तेज हो गई है। जानकारी के चलते तत्कालीन आरबीएल बैंक के टास्क हेड कुमार मयंक को जेल भेज दिया है वही अन्य फरार है।

पिपरिया और सोहागपुर से जुड़े तार

आरजीपीवी में हुई हेराफेरी के सीधे तार पिपरिया और सोहागपुर से भी जुड़े है। बता दे कि पिपरिया एक्सिस बैंक में आरजीपीवी की सरकारी रकम से 4 एफडी बनाई गई थी, जिसमें तत्कालीन शाखा प्रबंधक राम रघुवंशी की संलिप्तता पुलिस को मिली है, तो सोहागपुर की दलित संघ नामक संस्था के खाते में भी करोड़ो की रकम ट्रांसफर की गई है , जिसमे सोहागपुर दलित संघ के सचिव रतन उमरे और दलित संघ के कोषाध्यक्ष अशोक चौरसिया अभी तक फरार है। दलित संघ संगठन जो कि फर्म एवं सोसाइटी एक्ट में पंजीकृत था उसे भी समाप्त कर दिया गया है जिसकी शिकायत दलित संघ के फाउंडर रहे गोपाल नारायण आवटे की पत्नी विधुलता आवटे ने रजिस्ट्रार फर्म एवं सोसाइटी भोपाल में की है।

कौन है राम रघुवंशी ।

आरजीपीवी में हुई करोड़ो की हेराफेरी मामले में जिस राम रघुवंशी को अरेस्ट किया गया है, दरअसल वह पिपरिया एक्सिस बैंक में मैनेजर था जिसके कार्यकाल में ही आरजीपीवी के खाते खोले गए व एफडी बनाई गई थी। राम रघुवंशी ने एक्सिस बैंक में मैनेजर रहते हुए नकली गोल्ड को बैंक में रखकर उसका बदले गोल्ड लोन देने का काम होता था जो पकड़ में आ गया। राम रघुवंशी सहित उसके रिश्तेदार रोहित रघुवंशी के खिलाफ पिपरिया थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी , जिसके बाद राम रघुवंशी को जेल भेज दिया गया था , लगभग 2 महीने पहले ही राम रघुवंशी को हाईकोर्ट ने नकली गोल्ड के बदले दिए गए लोन की राशि जमा करवा कर जमानत दी है। इसके अलावा राम रघुवंशी के खिलाफ उसी के एक साथी नरेश उर्फ सोनू रघुवंशी के साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने की शिकायत पर धारा 377 की एफआईआर सोहागपुर थाने में दर्ज है।

रिपोर्ट – मुकेश अवस्थी

Mukesh Awasthi

विभिन्न सामाजिक मुद्दों को सकारात्मक और सामाजिक न्याय की सोच के साथ पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और वेब मीडिया प्लेटफार्म पर काम कर रहे है।

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